बहुमूत्र का उपाय

By | April 17, 2017

बहुमूत्र का उपाय

क्या है बहुमूत्र रोग उसका परिचय और कारण

बहुमूत्र का उपाय

बहुमूत्र का उपाय

क्षय रोग की पैतृक प्रवृति होना ,हिशटिरिया ,चिंता,सिर पर चोट लग जाना,यकृत अथवा आमाशय के विकार,सर्दी लग जाना,शराब पीना आतशक,कब्ज या पोष्टिक भोजन न (बहुमूत्र का उपाय) मिल पाने आदि कारण से यह रोग होते है.(Pimple Se Bachne Ke Idea)
इस रोग मे रोगी को सामान्य से कही आधिक मात्रा मे मुत्रा आता है बच्चो और युवओ को यह रोग आधिक होता है .वंश परम्परागत विकृति से भी यह होता है कब्ज,प्यास की आधिकता,मूत्र आत्याधिक मात्रा मे आना,मुत्र का रंग हल्का सा पीला होना , कमर मे दर्द होना आदि लक्षण होते
है कही बार यह कमर का दर्द बढ़कर रोगी की जाँघो और पिंडलियों तक पहुँच जाता है.(बहुमूत्र का उपाय)

बहुमुत्र रोगो के लिए उपाय

१. ६ माशा काले तिल और भस्म का सेवन करने से बहुमुत्र रोग मिट जाता है.
२. आवले के रस मे ६ माशा शहद मिलकर पीने से बहुमूत्र रोग मे लाभ होता है.
३. पके केले का सेवन करने से बहुमूत्र रोग मिट जाता है.
४. बहुमूत्र रोग मे अंगूर खाना लाभदायक होता है.
५. यदि रात को बार बार मूत्र त्याग करना पड़ता हो तो शाम को पालक की सब्जी खाने से लाभ होता है.(बहुमूत्र का उपाय)

बहुमूत्र रोगी क्या खाए(बहुमूत्र का उपाय)

बहुमूत्र रोगी को बिस्तर पर जाने से एक डेढ़ घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए. भोजन मे चने की रोटी का प्रयोग करे और मेथी की पत्तो की सब्जी कुछ दीनो तक निरंतर खाए बहुमूत्र की विकृति मे लाभ होता है
भोजन के साथ हर रोज दो केले खाने से बहुमूत्र रोग का प्रकोप कम होता है.

नोट: जीन रोगियो की पाचन शक्ति बिगड़ी हुई हो, वे यह प्रयोग ना करे.(बहुमूत्र का उपाय)

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